बुधवार, 2 दिसंबर 2009

न जाने क्यों

तुम्हारी गीली खुशबूDSC01495

भरती गयी

अन्दर तक

मेरे फेफड़ों में ।

विसरित होती गयी

धमनियों में ।

न जाने क्यों

बहुत हीं तकलीफ़ होती है

आजकल

सांस लेने में ।

आदमी इतनी आसानी से

मरता भी क्यों नहीं ।

18 टिप्‍पणियां:

  1. क्या बात है..बड़ी जल्दी-२ रंग बदल रहे हैं ब्लॉग पर..इंद्रधनुषी..अलग-अलग रंगों की रचनाएं..
    गीली खुशबू...फ़ेफ़ड़ों से धमनियों मे...और सांस की तकलीफ़?..मस्त कल्पना है..
    बेहतरीन कविता !!!

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  2. गीली खुशबू से कौन मरा है भला!

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  3. हाय!! काश मौत इतनी आसान होती!!

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  4. अदभुत कविता ! कल्पनायें सुन्दर हैं । आभार ।

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  5. चन्दन भाई
    मेरा अनुभव है कविता को जीवन के गाढे रंगों से बचा कर रखना चाहिए... यदि आपके पास एक पारदर्शी संवेदनशील मन है जो की आम तौर पर आप जैसे कवि का होता ही है उसके लिए अपनी ही कविता मन्त्र का काम कर जाती है सो... kavita bahut sundar bani hai lekin maine jo bat kahi hai uska bhi dyan rakhna .. yada kada aapke blog par aata hoon ..aap mujhe bahut priy lagte hain

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  6. न जाने क्यों

    बहुत हीं तकलीफ़ होती है

    आजकल

    सांस लेने में ।

    आदमी इतनी आसानी से

    मरता भी क्यों नहीं ...

    क्या बात है ये मरने मरने का चक्कर क्यों ......???

    अभी तो हमें आपसे बहुत सी कवितायेँ सुननी हैं हुजुर .........!!!

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  7. वाह बाबू !
    गजब की कविताई कर रहे हो ...
    सालिड पंच !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

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  8. वासन्ती रंग की टेम्पलेट में इस ब्लॉग पर खुशबू की कविता! मन प्रसन्न हो गया बन्धु!

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  9. जीवन का सबसे रोमांचकारी पल है चन्दन जी....संभल कर रहिएगा..
    बहुत सुन्दर रचना ....

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  10. sundar kisi ke pyaar ki khushboo jab man me utar jaati hai तो naa jitaa hai naa mrta hai !!!

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  11. क्या बात है
    बहुत अच्छी कविता लिखी है

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  12. Kavita ek kasak chhod gayi manme...

    http://shamasansmaran.blogspot.com

    http://kavitasbyshama.blogspot.com

    http://aajtakyahantak-thelightbyalonelypath.blogspot.com

    http://shama-kahanee.blogspot.com

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  13. बहुत ख़ूबसूरत रचना लिखा है आपने ! हर एक पंक्तियाँ सच्चाई बयान करती है! इस उम्दा रचना के लिए बधाई!

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  14. लाजवाब अभिव्यक्ति ........ क्‍माल की रचना है .......

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  15. बहुत सुंदर और उत्तम भाव लिए हुए.... खूबसूरत रचना......

    संजय कुमार
    हरियाणा
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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  16. बहुत ही अच्‍छी कविता लिखी है
    आपने काबिलेतारीफ बेहतरीन

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